अपने पिता द्वारा अर्जित बहुत बड़े राज्य को पाकर राजा बिंदुसार को उतना हर्ष नहीं हुआ था, जितना कि अपने गुणों से अर्जित चंपानगरी की उस ब्राह्मण-कन्या को पाकर। ब्रह्मभवन में वैसी छटा नहीं थी, जैसी के पाटलिपुत्र के राज-भवन में उस कन्या के होने से। इस प्रकार की विविध लालित्यपूर्ण बातों का चिंतन करतेContinue reading “Ashoka The Great (chapter 4)-अशोक का जन्म”
Category Archives: Buddhism
Best books of Buddhism
Buddhist texts – (1) Suttpitaka. (2) Vinayapitaka. (3) Abhidhamma Pitaka. (4) Divyavadaan (panshupradanavadan, weetshokavardan, kulanavadan, ashokavadana). (5) Pali nikay. (6) Milindpana. (7) Jataka storytelling. (8) Jatakamala (Aryashur ) (9) Ashoki rock pillar – article etc. (10) Lalitvistar. (11) Buddhist epic (Ashvaghosha) (12) Bodhicharyavatar. (13) Buddhavijayakavayam. (14) Bodhichittottapada Sutra Shastra. (15) Panchasakandhapakaranam. (16) Gnanaprasthanam. (17) AshokabhyudayakavayamContinue reading “Best books of Buddhism”
Buddhist councils UPSC
The first council-The first council was in 483 BC in the Saptaparni cave (Rajgriha). It was presided over by Mahakassap. It took place during the reign of Harayak dynasty ruler Ajatshatru. In this council , Buddha’s teachings were compiled as Sutapitaka (compilation of religious discourses and dialogues of Buddha) and Vinayapitaka (rules of monks). SecondContinue reading “Buddhist councils UPSC”
बौद्ध संगीतियां (प्रथम द्वितीय तृतीय और चतुर्थ)
प्रथम संगीति-प्रथम संगीति 483 ईसा पूर्व में सप्तपर्णि गुफा (राजगृह) में हुई थी। इसकी अध्यक्षता महाकस्सप ने की थी। यह हर्यक वंशीय शासक अजातशत्रु की शासनकाल में हुई थी। इस संगीति में बुद्ध के उपदेशों का संकलन, सुत्तपिटक( धार्मिक संभाषण और बुद्ध के संवादों का संकलन) तथा विनयपिटक (भिक्षुओं के नियम) के रूप में कियाContinue reading “बौद्ध संगीतियां (प्रथम द्वितीय तृतीय और चतुर्थ)”
Buddha teaching in hindi
महात्मा बुद्ध ने कहा कि संसार दुखमय है। (सर्वम दुखं दुखम्) और दुख का कारण तृष्णा है। बुद्ध ने कर्म के सिद्धांत पर बल दिया उन्होंने आत्मा के अस्तित्व को अस्वीकार किया तथा वर्ण व्यवस्था की घोर निंदा की। बुद्ध ने ‘प्रतीत्यसमुत्पाद’ (अर्थ- संसार की सभी वस्तुएं किसी न किसी कारण से उत्पन्न हुई हैंContinue reading “Buddha teaching in hindi”
Ashoka The Great (chapter 3) अशोक-मातृ-वर्णन
वह मांं अत्यन्त धन्य है जिसने अशोक को जाना और वे नाना भी धन्य हैं, जिसका नाती (दौहित्र धेवता) अशोक है अनुश्रुति (पीढ़ी दर पीढ़ी कानोंकान सुनी-सुनाई कहानी) ने चंपा नगरी के निवासी ब्राह्मण और उसकी कन्या के गोत्र और नाम को भुला दिया। काल-क्रम से यौजन प्राप्त करने पर उस कन्या ने अपने रूप,Continue reading “Ashoka The Great (chapter 3) अशोक-मातृ-वर्णन”
Ashoka The Great(chapter 2) अशोक वंश
सद्धर्म की स्थापना करने वाले और प्रजापालन में तत्पर अशोक क्षत्रियों के उस कुल में पैदा हुए थे जो उच्च था और जिस कुल के लोग अंधविश्वासी नहीं थे।ये क्षत्रिय हिमालय से सटे हुए और कोसल व मगध से जुड़े क्षेत्र में रहते थे। चूंकि वे मयूर नाम वाले मोरों के देश में रहते थे,Continue reading “Ashoka The Great(chapter 2) अशोक वंश”
Ashoka the Great(chapter 1)-अशोक-जातक
प्रियदर्शी राजा अशोक ने पूर्व जन्म में शाक्यनन्दन बुद्ध को देखा था। उस समय शास्ता( देशना-दायक, भगवान बुद्ध) राजगृह में वेणुवन (नामक बांस के जंगल) के कलन्दकनिकाप( वह प्रसिद्ध स्थान जहां गिलहरियों का अड्डा था) में विहार (धार्मिक प्रयोजन से कुछ समय के लिये ठहरना, प्रवास) कर रहे थे। एक दिन पूर्वाह्णकाल में मगधों कीContinue reading “Ashoka the Great(chapter 1)-अशोक-जातक”
Historical significance of Buddhism
(1) आर्थिक क्षेत्र में(In Economic Realm)- •लोहे के फाल वाले हल से खेती, व्यापार और सिक्कों के प्रचलन से व्यापारियों और अमीरों को धन संचित करने का मौका मिला। किंतु बौद्ध धर्म ने घोषणा की कि धन संचित नहीं करना चाहिए क्योंकि धन दरिद्रता , घृणा, क्रूरता और हिंसा का जनक है। •इन बुराइयों कोContinue reading “Historical significance of Buddhism”
Buddhism in hindi
बौद्ध धर्म के प्रवर्तक महात्मा बुद्ध एक क्षत्रिय थे। उनका जन्म लगभग 563 ईसा पूर्व में शाक्यों के कुल में कपिलवस्तु के निकट लुम्बिनी ग्राम के आम्र कुंज में हुआ था । इनके पिता शुद्धोधन कपिलवस्तु के शाक्य गण के मुखिया तथा माता महामाया कौशल राजवंश की कन्या थीं । इनके जन्म के सातवें दिनContinue reading “Buddhism in hindi”
