प्रियदर्शी राजा अशोक ने पूर्व जन्म में शाक्यनन्दन बुद्ध को देखा था। उस समय शास्ता( देशना-दायक, भगवान बुद्ध) राजगृह में वेणुवन (नामक बांस के जंगल) के कलन्दकनिकाप( वह प्रसिद्ध स्थान जहां गिलहरियों का अड्डा था) में विहार (धार्मिक प्रयोजन से कुछ समय के लिये ठहरना, प्रवास) कर रहे थे। एक दिन पूर्वाह्णकाल में मगधों कीContinue reading “Ashoka the Great(chapter 1)-अशोक-जातक”
