Ashoka The Great (chapter 4)-अशोक का जन्म

अपने पिता द्वारा अर्जित बहुत बड़े राज्य को पाकर राजा बिंदुसार को उतना हर्ष नहीं हुआ था, जितना कि अपने गुणों से अर्जित चंपानगरी की उस ब्राह्मण-कन्या को पाकर। ब्रह्मभवन में वैसी छटा नहीं थी, जैसी के पाटलिपुत्र के राज-भवन में उस कन्या के होने से। इस प्रकार की विविध लालित्यपूर्ण बातों का चिंतन करतेContinue reading “Ashoka The Great (chapter 4)-अशोक का जन्म”