अशोक द्वारा अपने भाइयों का वध

यह बात चतुर्थ शताब्दी ईसा पूर्व की है जब सम्राट अशोक मगध साम्राज्य की राजगद्दी पर बैठा।अशोक के उत्थान से उसका सारा मंत्रिमंडल हर्षित हुआ और शत्रुमंडल प्रभावहीन हो गया। राधगुप्त जैसे अमात्यवर्ग ने अशोक के मार्ग को सफलता की ओर उन्मुख कर दिया। पिंगलवत्स (आजीवक आचार्य) जिन्होंने यह भविष्यवाणी की थी कि अशोक हीContinue reading “अशोक द्वारा अपने भाइयों का वध”

Ashoka The Great (chapter 3) अशोक-मातृ-वर्णन

वह मांं अत्यन्त धन्य है जिसने अशोक को जाना और वे नाना भी धन्य हैं, जिसका नाती (दौहित्र धेवता) अशोक है अनुश्रुति (पीढ़ी दर पीढ़ी कानोंकान सुनी-सुनाई कहानी) ने चंपा नगरी के निवासी ब्राह्मण और उसकी कन्या के गोत्र और नाम को भुला दिया। काल-क्रम से यौजन प्राप्त करने पर उस कन्या ने अपने रूप,Continue reading “Ashoka The Great (chapter 3) अशोक-मातृ-वर्णन”