प्रथम संगीति-प्रथम संगीति 483 ईसा पूर्व में सप्तपर्णि गुफा (राजगृह) में हुई थी। इसकी अध्यक्षता महाकस्सप ने की थी। यह हर्यक वंशीय शासक अजातशत्रु की शासनकाल में हुई थी। इस संगीति में बुद्ध के उपदेशों का संकलन, सुत्तपिटक( धार्मिक संभाषण और बुद्ध के संवादों का संकलन) तथा विनयपिटक (भिक्षुओं के नियम) के रूप में कियाContinue reading “बौद्ध संगीतियां (प्रथम द्वितीय तृतीय और चतुर्थ)”
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Buddha teaching in hindi
महात्मा बुद्ध ने कहा कि संसार दुखमय है। (सर्वम दुखं दुखम्) और दुख का कारण तृष्णा है। बुद्ध ने कर्म के सिद्धांत पर बल दिया उन्होंने आत्मा के अस्तित्व को अस्वीकार किया तथा वर्ण व्यवस्था की घोर निंदा की। बुद्ध ने ‘प्रतीत्यसमुत्पाद’ (अर्थ- संसार की सभी वस्तुएं किसी न किसी कारण से उत्पन्न हुई हैंContinue reading “Buddha teaching in hindi”
buddha was born in
Mahatma Buddha, the originator of Buddhism, was a Kshatriya. He was born in Amar Kunj in Lumbini village near Kapilavastu in 563 BCE in the clan of Shakya. His father Shuddhodhan Kapilvastu was the head of Shakya Gana and mother Mahamaya was the daughter of the Kaushal dynasty. Due to the death of mother onContinue reading “buddha was born in”
buddha in hindi
बौद्ध धर्म के प्रवर्तक महात्मा बुद्ध एक क्षत्रिय थे। उनका जन्म लगभग 563 ईसा पूर्व में शाक्यों के कुल में कपिलवस्तु के निकट लुम्बिनी ग्राम के आम्र कुंज में हुआ था । इनके पिता शुद्धोधन कपिलवस्तु के शाक्य गण के मुखिया तथा माता महामाया कौशल राजवंश की कन्या थीं । इनके जन्म के सातवें दिनContinue reading “buddha in hindi”
Ashoka The Great (chapter 3) अशोक-मातृ-वर्णन
वह मांं अत्यन्त धन्य है जिसने अशोक को जाना और वे नाना भी धन्य हैं, जिसका नाती (दौहित्र धेवता) अशोक है अनुश्रुति (पीढ़ी दर पीढ़ी कानोंकान सुनी-सुनाई कहानी) ने चंपा नगरी के निवासी ब्राह्मण और उसकी कन्या के गोत्र और नाम को भुला दिया। काल-क्रम से यौजन प्राप्त करने पर उस कन्या ने अपने रूप,Continue reading “Ashoka The Great (chapter 3) अशोक-मातृ-वर्णन”
अंशुकम् [अंशु+क]
(१) कपड़ा, सामान्यतः पोशाक, (२) महीने या सफेद कपड़ा, प्रायः रेशमी कपड़ा या मलमल, (३) ऊपर ओढा जाने वाला वस्त्र, (४) पत्ता, (५) प्रकाश की मन्द लौ
अंशुकः (अंश्+ण्वुल्, स्त्रियां-अंशिका)
(१) हिस्सेदार,सहदायभागी, संबंधी। (२) हिस्सा, खंड, भाग।
अंशुः (अंश्+कु)
(१) किरण, प्रकाशकिरण, (२) बिंदु या किनारा, (३) एक छोटा या सूक्ष्म कण, (४) धागे का छोर, (५) पोशाक, सजावट, परिधान, (६) गति।
अंश (अंश्+अच्)
(१) हिस्सा, भाग, टुकड़ा; (२) संपत्ति में हिस्सा, दाय; (३) भिन्न की संख्या, कभी-कभी भिन्न के लिए भी प्रयोग था; (४) अक्षांश या रेखांश की कोटि।
अंश्
बांटना, वितरण करना, आपस में हिस्सा बांटना, ‘अंशापयति’ भी इसी अर्थ में प्रयुक्त होता है।
