अथर्ववेद-संहिता- (क) शाखा : १.शौनक, २.पैप्पलाद। (ख) ब्राह्मण : गोपथ ब्राह्मण। (ग) आरण्यक : १.प्रश्न, २.मुण्डक, ३.माण्डूक्य उपनिषद्। (ङ) कल्पसूत्र : (श्रौतसूत्र) वैतान श्रौतसूत्र। (गृह्यसूत्र) कौशिक गृह्यसूत्र। अङ्गिरा वंशीय अथर्वाऋषि द्वारा दृष्ट होने के कारण इस वेद को अथर्ववेद कहा जाता है। इसे भृग्वंगिरावेद, अथर्वाङ्गिरोवेद, भैषज्यवेद, क्षत्रिवेद, महीवेद, छन्दोवेद, ब्रह्मवेद आदि नामों से भी जानाContinue reading “atharva veda in hindi “
