स्वर संधि (1) यण् संधि -(इको यणचि)-इ,ई को य्, उ ऊ को व्, ऋ ऋृ को र्, लृ को ल् हो जाता है, यदि बाद में कोई स्वर हो तो| सवर्ण (वैसा ही) स्वर हो तो नहीं | जैसे- (१) प्रति +एक:=प्रत्येक:। यदि+अपि = यद्यपि। (२) पठतु+एक: = पठत्वेक:। मधु+करि = मध्वरि। (३) पितृ +आContinue reading “संधि विचार-दो वर्णों के मेल को संधि कहते हैं|”
