यह बात चतुर्थ शताब्दी ईसा पूर्व की है जब सम्राट अशोक मगध साम्राज्य की राजगद्दी पर बैठा।अशोक के उत्थान से उसका सारा मंत्रिमंडल हर्षित हुआ और शत्रुमंडल प्रभावहीन हो गया। राधगुप्त जैसे अमात्यवर्ग ने अशोक के मार्ग को सफलता की ओर उन्मुख कर दिया। पिंगलवत्स (आजीवक आचार्य) जिन्होंने यह भविष्यवाणी की थी कि अशोक हीContinue reading “अशोक द्वारा अपने भाइयों का वध”
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निर्धनता
धन रुपी आश्रय जिसका नष्ट हो जाता है उसकी मित्रता से भी मनुष्य शिथिल हो जाते हैं। दरिद्रता से मनुष्य लज्जा को प्राप्त होता है, लज्जा को प्राप्त व्यक्ति तेजरहित हो जाता है, तेजहीन अपमानित होता है, अपमानित होने से ग्लानि को प्राप्त हो जाता है, ग्लानि युक्त शोक को प्राप्त होता है, शोकाकुल व्यक्तिContinue reading “निर्धनता”
The Value of money 💰💰
इस विश्व में ऐसी कोई भी वस्तु नहीं होती है, जो धन के द्वारा प्राप्त नहीं की जा सकती है। अतएव बुद्धिमान् व्यक्ति को धन के लिए ही प्रयत्नशील रहना चाहिए।।1।। धनवान् व्यक्ति से सभी मित्रता करना चाहते हैं, धन के रहने पर बंधु-बान्धव भी आत्मीयता का व्यवहार करते हैं, धनवान् व्यक्ति की ही उत्तमContinue reading “The Value of money 💰💰”
Yajurveda in hindi
(क) शुक्ल यजुर्वेद-संहिता- (क) शाखा : माध्यन्दिन (वाजसनेय) २. काण्व। (ख) ब्राह्मण : शतपथ ब्राह्मण। (ग) आरण्यक : बृहदारण्यक। (घ) उपनिषद् : १.ईशोपनिषद् , २.बृहदारण्यक उपनिषद्। (ङ) कल्पसूत्र : (श्रौतसूत्र) कात्यायन श्रौतसूत्र। (गृह्यसूत्र) पारस्कर गृह्यसूत्र। (शुल्वसूत्र) १.बौधायन, २.मानव, ३.आपस्तम्ब, ४.कात्यायन, ५.मैत्रायणीय, ६.हिरण्यकेशि (सत्याषाढ), ७.वाराह शुल्वसूत्र। (ख) कृष्ण यजुर्वेद-संहिता। (क) शाखा : १.तैत्तिरीय, २.मैत्रायणीय, ३.कठ (काठक),Continue reading “Yajurveda in hindi”
atharva veda in hindi
अथर्ववेद-संहिता- (क) शाखा : १.शौनक, २.पैप्पलाद। (ख) ब्राह्मण : गोपथ ब्राह्मण। (ग) आरण्यक : १.प्रश्न, २.मुण्डक, ३.माण्डूक्य उपनिषद्। (ङ) कल्पसूत्र : (श्रौतसूत्र) वैतान श्रौतसूत्र। (गृह्यसूत्र) कौशिक गृह्यसूत्र। अङ्गिरा वंशीय अथर्वाऋषि द्वारा दृष्ट होने के कारण इस वेद को अथर्ववेद कहा जाता है। इसे भृग्वंगिरावेद, अथर्वाङ्गिरोवेद, भैषज्यवेद, क्षत्रिवेद, महीवेद, छन्दोवेद, ब्रह्मवेद आदि नामों से भी जानाContinue reading “atharva veda in hindi “
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buddha was born in
Mahatma Buddha, the originator of Buddhism, was a Kshatriya. He was born in Amar Kunj in Lumbini village near Kapilavastu in 563 BCE in the clan of Shakya. His father Shuddhodhan Kapilvastu was the head of Shakya Gana and mother Mahamaya was the daughter of the Kaushal dynasty. Due to the death of mother onContinue reading “buddha was born in”
buddha in hindi
बौद्ध धर्म के प्रवर्तक महात्मा बुद्ध एक क्षत्रिय थे। उनका जन्म लगभग 563 ईसा पूर्व में शाक्यों के कुल में कपिलवस्तु के निकट लुम्बिनी ग्राम के आम्र कुंज में हुआ था । इनके पिता शुद्धोधन कपिलवस्तु के शाक्य गण के मुखिया तथा माता महामाया कौशल राजवंश की कन्या थीं । इनके जन्म के सातवें दिनContinue reading “buddha in hindi”
अंशुकम् [अंशु+क]
(१) कपड़ा, सामान्यतः पोशाक, (२) महीने या सफेद कपड़ा, प्रायः रेशमी कपड़ा या मलमल, (३) ऊपर ओढा जाने वाला वस्त्र, (४) पत्ता, (५) प्रकाश की मन्द लौ
अंशुकः (अंश्+ण्वुल्, स्त्रियां-अंशिका)
(१) हिस्सेदार,सहदायभागी, संबंधी। (२) हिस्सा, खंड, भाग।
