• अइउण् १|ऋलृक् २|एओङ् ३|ऐऔच् ४|हयवरट् ५|लण् ६|ञमङणनम् ७|झभञ ८|घढधष् ९|जबगडदश् १०|खफछठथचटतव् ११|कपय् १२|शषसर् १३|हल् १४| अइउण् आदि 14 सूत्र प्रत्याहार सूत्र अथवा माहेश्वर सूत्र कहलाते हैं |’प्रत्याहार ‘शब्द इन सूत्रों के प्रयोजन ‘संक्षिप्तकरण’ को द्योतित करता है जबकि’ माहेश्वर’ शब्द इन सूत्रों की उत्पत्ति हैं अथवा आगम की ओर संकेत करता है। ऐसा मानाContinue reading “माहेश्वर सूत्र”
Author Archives: pravendrakumar
Watch “UPTET SANSKRIT SYLLABUS (संस्कृत भाषा)// UPTET//” on YouTube
UP PGT Sanskrit syllabus 2021 प्रवक्ता चयन परीक्षा, पाठ्यक्रम (संस्कृत )
खंड (क) : साहित्य परिचय (गद्य पद्य एवं नाटक)। निम्न ग्रंथों के निर्धारित अंकों के आधार पर शब्दार्थ, सूक्तियों का भावार्थ, शब्द की व्याकरणात्मक टिप्पणी, चरित्र चित्रण तथा ग्रन्थ कर्ता का परिचय । कादंबरी( कथामुखम्), नलचम्पू( प्रथम उच्छवास) शिशुपालवधम्( प्रथम सर्ग), अभिज्ञानशाकुंतलम् और मृच्छकटिकम्, गद्यकाव्य ,खंडकाव्य, महाकाव्य एवं नाट्यकाव्य के उद्भव और विकास का सामान्यContinue reading “UP PGT Sanskrit syllabus 2021 प्रवक्ता चयन परीक्षा, पाठ्यक्रम (संस्कृत )”
UPSESSB TGT syllabus 2021 for Sanskrit विषय: संस्कृत ( 02)
•गद्य, पद्य एवं नाटक -अधोलिखित ग्रंथों के निर्धारित अंकों के आधार पर शब्दार्थ, सूक्तियां ,शब्दों की व्याकरण आत्मक टिप्पणी ,चरित्र चित्रण तथा ग्रंथकर्ता का परिचय: – कादंबरी( शुकनासोपदेश मात्र ),शिवराजविजयम् (प्रथम निश्वास), किरातार्जुनीयम् (प्रथम सर्ग), मेघदूत (संपूर्ण), नीतिशतकम्( संपूर्ण), अभिज्ञानशाकुंतलम् (चतुर्थ अंक) और उत्तररामचरितम्( तृतीय अंक)। • व्याकरण डॉ राम बाबू सक्सेना कृत संस्कृत व्याकरणContinue reading “UPSESSB TGT syllabus 2021 for Sanskrit विषय: संस्कृत ( 02)”
UPTET Sanskrit syllabus- संस्कृत भाषा
•अपठित अनुच्छेद। •अपठित अनुच्छेद संज्ञाएं। •अकारांत( पुल्लिंग स्त्रीलिंग एवं नपुंसकलिंग) • अकारांत( स्त्रीलिंग एवं पुल्लिंग )। • ऋकारान्त( पुलिंग एवं स्त्रीलिंग)। •घर, परिवार ,परिवेश, पशु ,पक्षियों, घरेलू उपयोग की वस्तुओं के संस्कृत नामों से परिचय । • सर्वनाम एवं क्रियाएं। •शरीर के प्रमुख अंगोंं के संस्कृत शब्दों का प्रयोग •अव्यय। •संधि- सरल शब्दों की संधिContinue reading “UPTET Sanskrit syllabus- संस्कृत भाषा”
yajur veda pdf in hindi
असतो मा सद् गमय |तमसो मा ज्योतिर्गमय |मृत्योर्माऽमृतं गमय |
हे परमात्मन् ! हमें असत्य से सत्य की ओर ,अन्धकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो |
ईशावास्योपनिषद्
ॐ ईशा वास्यमिदं सर्वं यत्किंच जगत्यां जगत् | तेन त्यक्तेन भुंजीथा मा गृधः कस्य स्विद्धनम् ||
असतो मा सद् गमय |तमसो मा ज्योतिर्गमय |मृत्योर्माऽमृतं गमय |
हे परमात्मन् ! हमें असत्य से सत्य की ओर ,अन्धकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो |
सत्यमेव जयते |
सत्य की ही विजय होती है|
