•गद्य, पद्य एवं नाटक -अधोलिखित ग्रंथों के निर्धारित अंकों के आधार पर शब्दार्थ, सूक्तियां ,शब्दों की व्याकरण आत्मक टिप्पणी ,चरित्र चित्रण तथा ग्रंथकर्ता का परिचय: – कादंबरी( शुकनासोपदेश मात्र ),शिवराजविजयम् (प्रथम निश्वास), किरातार्जुनीयम् (प्रथम सर्ग), मेघदूत (संपूर्ण), नीतिशतकम्( संपूर्ण), अभिज्ञानशाकुंतलम् (चतुर्थ अंक) और उत्तररामचरितम्( तृतीय अंक)। • व्याकरण डॉ राम बाबू सक्सेना कृत संस्कृत व्याकरण प्रवेशिका के आधार पर संधि समास कारक एवं प्रत्याहार का परिचय, अकारान्त,इकारान्त, उपकारान्त,ऋकारान्त, पुल्लिंग ,स्त्रीलिंग एवं नपुंसकलिंग शब्दों का रूप; सर्व,यत्,किम्,युष्मद्,इदम्, अस्मद्,अयम्, सर्वनामों के रूप, एक से 100 तक की संख्याओं के संस्कृत शब्दों का ज्ञान ;भू,गम्,पंत,पा,लम्,हन्,दुह्,दा,भी,दिव,जनि,तुद्,रथ्,प्रच्छ,ब्रू,तथा चुर धातुओं के लट्, लोट ,लुट,लड़ और विधिलिङ्ग के रूप । •संस्कृत सुभाषित एवं सूक्तियों का परिज्ञान, वाक्य परिवर्तन और अशुद्धि परिमार्जन। प्रशिक्षणात्मक संस्कृत प्रशिक्षण की दृष्टि से व्याकरण ,अनुवाद ,पद्य आदि की पाठन विधियों का सामान्य परिचय ।
